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कार्मिक मंत्रालय, लोक शिकायत और पेंशन21-अप्रैल, 2017 20:39 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसेवा दिवस पर लोकसेवकों को संबोधित किया, पुरस्कार भी वितरित किए

पांच प्राथमिकता कार्यक्रमों के तहत 10 पुरस्कार और 2 पुरस्कार नवोन्मेष श्रेणी के तहत प्रदान किए गए

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यहां आज 11वें लोक सेवा दिवस के अवसर पर प्राथमिकता कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार वितरित किए और लोक सेवकों को संबोधित भी किया।

      प्रधानमंत्री ने कुल 12 पुरस्कार वितरित किए। इनमें से 10 पुरस्कार पांच प्राथमिकता कार्यक्रमों के तहत और 2 पुरस्कार नवोन्मेष श्रेणी के तहत प्रदान किए गए। ये पुरस्कार तीन समूहों में दिए गए। पहले समूह में आठ उत्तर-पूर्वी राज्य और तीन पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर) थे, दूसरे समहू में सात केंद्र शासित प्रदेश और तीसरे समूह में शेष 18 राज्य थे।

      नवोन्मेष श्रेणी के तहत छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले को ''कैशलेस गांव पलनार'' पहल पर उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राजस्थान के डूंगरपुर जिले को भी ''सोलर ऊर्जा लैंप परियोजना'' पहल के लिए पुरस्कार दिया गया। प्राथमिकता कार्यक्रम प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत उत्तर-पूर्वी राज्यों व पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में मिजोरम के जिले सियहा और अन्य राज्यों की श्रेणी में गुजरात के बनासकांठा जिले को पुरस्कृत किया गया। प्राथमिकता कार्यक्रम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी राज्यों व पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में त्रिपुरा के गोमती जिले को पुरस्कृत किया गया और अन्य राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र के जालना जिले को पुरस्कृत किया गया। प्राथमिकता कार्यक्रम ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नेम) श्रेणी के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी राज्यों व पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले को पुरस्कृत किया गया और अन्य राज्यों की श्रेणी में तेलंगाना के निजामाबाद जिले को पुरस्कृत किया गया। प्राथमिकता कार्यक्रम दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत उत्तर-पूर्वी राज्यों व पहाड़ी राज्यों की श्रेणी में असम के शिवसागर जिले और अन्य राज्यों की श्रेणी में बिहार के नालंदा जिले को पुरस्कृत किया गया। स्टार्ट-अप इंडिया के लिए अन्य राज्यों की श्रेणी में गुजरात को पुरस्कार दिया गया और स्टैंड-अप इंडिया के लिए केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उत्तरी और मध्य अंडमान को पुरस्कृत किया गया।

 

      प्रधानमंत्री ने उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार को लेकर नवोन्मेष पर दो किताबों ''न्यू बिगेनिंग'' और चिन्हित प्राथमिकता कार्यक्रम के तहत पहल के लिए ''फॉस्टरिंग एक्सेलेंस'' का विमोचन किया।

 

      कार्यक्रम के दौरान डीएआरपीजी की फिल्म ''नए भारत का निर्माण-2017'' भी दिखाई गई।

 

      इस अवसर पर लोक सेवकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस दिन को ''री-डेडिकेशन'' का दिन बताते हुए कहा कि लोक सेवकों को उनकी ताकत और क्षमताओं, चुनौतियों और जिम्मेदारियों के बारे अच्छी तरह से पता है।

 

      उन्होंने कहा कि आज की स्थिति पिछले दो दशकों की स्थिति से बिल्कुल अलग है। और अगले पांच सालों बाद स्थिति में और भी ज्यादा अंतर होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले सरकार ही वस्तु एवं सेवाओं की एकमात्र प्रदाता थी, ऐसी स्थिति में बुराइयां आने की स्वाभाविक प्रवृत्ति रहती है। हालांकि, अब, बहुत बार, लोग समझते हैं कि निजी क्षेत्र सरकार की तुलना में बेहतर सेवाएं प्रदान करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब बहुतेरे क्षेत्रों में विकल्प उपलब्ध हैं। अब सरकारी अधिकारी की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कार्यबोझ नहीं बढ़ा है, चुनौतियां बढ़ी हैं।

 

      प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि व्यवस्था में स्पर्धा होनी ही चाहिए, जो गुणात्मक परिवर्तन लाता है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि सुधारों को लेकर राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी उनमें नहीं है। उन्होंने लोकसेवकों से कहा है कि वे आपस में समन्वय बढ़ाते हुए और एकसाथ मिलकर काम करें एवं बदलाव लाएं। लोकसेवा दिवस के अवसर पर नौकरशाहों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि कुछ हटकर सोचा जाए और सरकार एक नियामक की जगह सक्षम बनाने वाली इकाई के तौर पर सामने आए। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक इच्छाशक्ति सुधार ला सकती है लेकिन अफसरशाही का काम और जनता की भागीदारी बदलाव ला सकती है। हमें इन सबको एकसाथ लाना होगा।’’ उन्होंने ये भी कहा, ‘‘सुधार के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। मुझमें इसकी कमी नहीं है बल्कि थोड़ी ज्यादा ही है।’’ मोदी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात का आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि क्या उनका अनुभव एक बोझ बनता जा रहा है? उन्होंने लोकसेवकों से जनता तक पहुंचकर उसके कल्याण के लिए सोशल मीडिया, ई-गवर्नेंस और मोबाइल गवर्नेंस का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा।

 

      श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पहचान को गुप्त रखना नागरिक सेवाओं की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग इस ताकत में गिरावट का कारण नहीं होना चाहिए। दरअसल सोशल मीडिया और मोबाइल गवर्नेंस लोगों को सरकार से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करते हैं।

 

      रिफॉर्म, परफॉर्म एवं ट्रांसफॉर्मके परिप्रेक्ष्य में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधार के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की ज़रूरत है, मगर लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में परफॉर्म वाले भाग को सरकारी अधिकारी (सिविल सर्वेंट) साकार करते हैं, जबकि ट्रांसफॉर्मेशन को लोगों की भागीदारी से सुनिश्चित किया जाता है।

      माननीय प्रधानमंत्री ने कहा कि नौकरशाहों को हर हाल में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर लिया जाए, और यही उनके निर्णय लेने की कसौटी होनी चाहिए। वर्ष 2022 में आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने को याद करते हुए उन्होंने नौकरशाहों से आग्रह किया कि वे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने में अहम भूमिका अदा करें।

 

      पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले तीन वर्षों के दौरान सिविल सर्विस दिवस उत्सव में काफी बदलाव आया है और यह उत्सव अब बेहतर व्यवस्थाओं को आपस में एक-दूसरे के साथ साझा करने का प्रभावशाली मंच बन गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के 74 ज़िलो की तुलना में इस वर्ष प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रतियोगिता में 599 ज़िलों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में ज़िलों द्वारा हिस्सेदारी प्रतियोगी संघवाद की दिशा में नए रुझानों को दर्शाता है। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने युवा अधिकारियों के लिए एक मंच के जरिए व्यापक अभ्यास को संपन्न कराया है और वर्ष 2013 से 2016 तक चार बैच के 615 आईएएस अधिकारियों ने इस मंच के जरिए अपने सुझाव उपलब्ध कराने के लिए करीब 2000 घंटे खर्च किए हैं। मंत्री ने कहा कि इस वर्ष सीएसडी का मुख्य विषय मेकिंग न्यू इंडियाहै, जोकि प्रधानमंत्री के नए भारत के सोच एवं दृष्टिकोण के अनुरूप है। बेहतर नौकरशाहों के बिना, हम सुशासन के लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकते। उन्होंने अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार पर बल दिया।

कार्यक्रम में जारी गई दो पुस्तकों के लिंक इस प्रकार हैं -

http://darpg.gov.in/sites/default/files/Book-on-Success-stories-released-by-Hon'ble-PM-on-CSD,2017.pdf

http://darpg.gov.in/sites/default/files/Book-on-Innovations-released-by-Hon'ble-PM-on-CSD,2017.pdf

कार्यक्रम में दिखाई गई फिल्म 'नए भारत का निर्माण 2017' का लिंक इस प्रकार है

http://darpg.gov.in/sites/default/files/films/MAKING-NEW-INDIA-2017.html

 

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वीके/डीटी/वाईबी- 1105

 

(Release ID 60550)


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